पटना : बिहार सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हाजीपुर से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पेपरलेस रजिस्ट्री वैन सेवा का शुभारंभ किया। इसके साथ ही सरकार ने ऑनलाइन स्टेटस गारंटी, CO रिपोर्ट और दाखिल-खारिज से जुड़ी नई डिजिटल व्यवस्था भी लागू की है। इन बदलावों का उद्देश्य लोगों को कम समय में सुरक्षित और भरोसेमंद भूमि निबंधन सुविधा उपलब्ध कराना है।
पहला कदम: हाजीपुर से पेपरलेस रजिस्ट्री वैन की शुरुआत
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाजीपुर से पेपरलेस रजिस्ट्री वैन सेवा की शुरुआत की। इस वैन के जरिए लोगों को निबंधन कार्यालय पहुंचे बिना भी रजिस्ट्री की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। डिजिटल तकनीक की मदद से पूरी प्रक्रिया कागजरहित होगी, जिससे समय की बचत होगी और कामकाज में पारदर्शिता बढ़ेगी।
दूसरा कदम: ऑनलाइन होगी रजिस्ट्री की पूरी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया का ऑनलाइन ट्रैक रखा जाएगा। आवेदक अपने आवेदन की स्थिति डिजिटल माध्यम से देख सकेंगे। इससे लोगों को बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक आसान व पारदर्शी बनेगी।
तीसरा कदम: रजिस्ट्री से पहले मिलेगी CO की रिपोर्ट
सरकार ने जमीन खरीदने वालों को एक नई सुविधा भी दी है। अब इच्छुक खरीदार रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (CO) या राजस्व अधिकारी से जमीन की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त कर सकेंगे। इस रिपोर्ट में जमीन के मालिकाना हक, सरकारी या निजी होने की स्थिति, किसी प्रकार के विवाद, कर्ज, पूर्व बिक्री, मुआवजा और अन्य राजस्व रिकॉर्ड की जानकारी उपलब्ध होगी।
चौथा कदम: सुरक्षित होगी जमीन की खरीद-बिक्री
नई व्यवस्था का उद्देश्य फर्जीवाड़े और भूमि विवादों पर रोक लगाना है। खरीदार पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति जान सकेंगे, जिससे विवादित या गलत दस्तावेजों वाली जमीन खरीदने का जोखिम काफी कम हो जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी।
पांचवां कदम: दाखिल-खारिज प्रक्रिया को भी मिलेगा लाभ
सरकार का कहना है कि रजिस्ट्री से पहले भूमि का सत्यापन होने से बाद में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया भी अधिक आसान होगी। भूमि अभिलेखों के सही होने से नामांतरण संबंधी विवाद कम होंगे और राजस्व रिकॉर्ड को अपडेट करने में आसानी होगी।
डिजिटल बिहार की दिशा में अहम पहल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार सरकारी सेवाओं को तकनीक आधारित और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। पेपरलेस रजिस्ट्री वैन, ऑनलाइन स्टेटस ट्रैकिंग और CO रिपोर्ट जैसी सुविधाएं इसी अभियान का हिस्सा हैं। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि निबंधन की पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बने, ताकि आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।